राज्य शासन एवं कलेक्टर श्रीमती संध्या देवी जांगड़े के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में जिले में एनालॉग पनीर के विक्रय एवं उपयोग की रोकथाम के उद्देश्य से विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित 07 डेयरी प्रतिष्ठानों एवं 02 होटल/रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एनालॉग पनीर के भंडारण, विक्रय, क्रय एवं उपयोग से संबंधित खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
सभी 09 प्रतिष्ठानों से यह स्व-घोषणा पत्र लिया गया कि वे अपने प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर का उपयोग या विक्रय नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश भी दिए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन द्वारा एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, विक्रय एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। यदि कोई भी प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने बताया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के विशेष निरीक्षण अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।
स्रोत: जिला प्रशासन, एमसीबी
